नीमराना (रमेशचंद), 16 अप्रैल 2026। उत्तर-पूर्वी राजस्थान और दक्षिण हरियाणा के लिए प्रस्तावित चरखी दादरी से नीमराना तक की 155 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना अब साकार होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया है। लगभग 4000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली यह रेल लाइन पूरे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
यह प्रस्तावित रेल मार्ग चरखी दादरी, कनीना और काठूवास होते हुए नीमराना तक जाएगा। इस मार्ग पर तीन बड़े जंक्शन चरखी दादरी, कनीना खास और काठूवास बनाए जाएंगे। इसके अलावा, नीमराना और ततारपुर को क्रॉसिंग स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।
परियोजना के तहत हरियाणा और राजस्थान के कई गांवों में 15 नए स्टेशन और हाल्ट का निर्माण किया जाएगा। इनमें रामनगर, मोड़ी, चिड़िया, बाघोत, रामबास, गोमला, नांगल जमालपुर, मांढण, नयागांव, जाट बहरोड़, उल्हाहेड़ी, रानौठ और जिंदोली जैसे गांव शामिल हैं। इससे अनेक ग्रामीण क्षेत्र पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ सकेंगे, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
घिलोट में 1200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा विद्युत बस निर्माण संयंत्र भी इस रेल कनेक्टिविटी से लाभान्वित होगा। हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित काठूवास का कॉनकोर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, जो एशिया के बड़े अंतर्देशीय कंटेनर डिपो में से एक है और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा है, इस परियोजना का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
सर्वे पूरा होने के बाद अब डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) और स्वीकृति प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। क्षेत्रीय स्तर पर बैठकों का दौर शुरू कर सरकार से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग उठाई जाएगी।
नीमराना लघु उद्योग भारती इकाई अध्यक्ष शशांक भारद्वाज ने कहा कि नीमराना में रेलवे लाइन आने से औद्योगिक विकास को जबरदस्त गति मिलेगी। काठूवास कंटेनर डिपो से जुड़ाव होने पर कंपनियों के लिए माल परिवहन बेहद आसान हो जाएगा, जिससे निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।