नीमराना (रमेशचंद) जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद नीमराना नगर पालिका और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को अवैध कबाड़ गोदामों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। शाम तक चले इस अभियान में 17 गोदामों की जांच की गई, जिनमें से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले 12 गोदामों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहा, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा गर्म है।

पंखे-कूलर चल रहे थे, पर कनेक्शन वैध या अवैध? नहीं हुई जांच
प्रशासन की टीम ने बताया कि सीज किए गए लगभग सभी गोदामों में बिजली के तार लगे थे और पंखे, कूलर व एसी चल रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर बिजली विभाग का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। अधिकारियों ने यह जानने की जहमत नहीं उठाई कि ये कनेक्शन घरेलू हैं या कमर्शियल, वैध हैं या अवैध। कबाड़ गोदामों में शॉर्ट सर्किट से आगजनी की घटनाएं आम हैं, ऐसे में विभाग की गैर-मौजूदगी ने कार्रवाई पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिजली विभाग इन अवैध कनेक्शनों को संरक्षण दे रहा था?
इन अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान नीमराना नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी योगेश कुमार गुर्जर, तहसीलदार डॉ. विक्रम सिंह और अग्निशमन अधिकारी अजय चौधरी सहित नगर पालिका व तहसील का स्टाफ मौजूद रहा। टीम ने स्पष्ट किया कि 17 में से 12 गोदाम निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे, इसलिए जन सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सीज किया गया है।
‘अभियान जारी रहेगा’: नगर पालिका प्रशासन
नगर पालिका प्रशासन ने कहा है कि नीमराना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद अब भविष्य में होने वाले अभियानों में सभी संबंधित विभागों की समन्वयता पर आमजन की नजर रहेगी। लोगों का कहना है कि जब तक बिजली, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभाग साथ नहीं आएंगे, तब तक ऐसी कार्रवाई अधूरी ही मानी जाएगी।