कोर्टरूम से लाइब्रेरी तक लिया व्यावहारिक अनुभव, संग्रहालय में देखी न्यायपालिका की विरासत

नीमराना (रमेशचंद), 01,मई 2026। रैफल्स विश्वविद्यालय, नीमराना के विधि संकाय द्वारा अपने छात्रों और संकाय सदस्यों के लिए नई दिल्ली स्थित भारत के सर्वोच्च न्यायालय का एक शैक्षिक भ्रमण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह भ्रमण 30 प्रतिभागियों के दल के लिए सर्वोच्च न्यायालय प्राधिकरण द्वारा 19 जनवरी 2026 को दी गई पूर्व अनुमति के तहत संपन्न हुआ। श्री आदित्य प्रताप सिंह एवं डॉ. नम्रता यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराना था।

भ्रमण के दौरान छात्रों ने सर्वोच्च न्यायालय के कक्ष संख्या 11, 12, 13 एवं 15 में चल रही न्यायालयीय कार्यवाही का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें न्यायालय की प्रक्रियाओं, वकालत के कौशल, न्यायिक आचरण और न्यायालयीन शिष्टाचार की बारीकियों को करीब से समझने का मौका मिला। प्रतिभागियों ने प्रशासनिक भवन परिसर स्थित न्यायाधीश पुस्तकालय का भी भ्रमण किया, जहां उन्हें उन्नत विधिक शोध संसाधनों और दुर्लभ अभिलेखीय सामग्री से परिचित कराया गया। इससे छात्रों को विधिक अनुसंधान के आधुनिक तरीकों की महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

इसके अलावा, छात्रों ने राष्ट्रीय न्यायिक संग्रहालय एवं अभिलेखागार का भी अवलोकन किया। संग्रहालय में भारतीय न्यायपालिका के ऐतिहासिक विकास, महत्वपूर्ण निर्णयों और देश की समृद्ध विधिक विरासत की व्यापक जानकारी प्राप्त कर छात्र अभिभूत हो गए। इस शैक्षिक यात्रा ने छात्रों के सैद्धांतिक अध्ययन और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई। इससे उनकी संवैधानिक प्रक्रियाओं की समझ मजबूत हुई और उन्हें वास्तविक समय में वकालत एवं न्यायिक तर्क प्रणाली का अनुभव प्राप्त हुआ।
रैफल्स विश्वविद्यालय, नीमराना का विधि संकाय ऐसे शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से अनुभवात्मक अधिगम को लगातार बढ़ावा दे रहा है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस तरह के भ्रमण सक्षम, जागरूक और व्यावहारिक ज्ञान से परिपूर्ण विधि पेशेवरों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।