नीमराना (रमेशचंद), 30 अप्रैल 2026। श्री श्री 1008 बाबा गरीब नाथ के वार्षिक मेले को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए आज शाम 5 बजे मेला कमेटी की आवश्यक बैठक आयोजित हुई। बैठक में मेले की पूर्व तैयारियों, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल व प्रकाश व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मेला कमेटी अध्यक्ष एन. आर. निंबोरिया ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा गरीब नाथ का वार्षिक मेला 10 मई को धूमधाम से आयोजित किया जाएगा।

इन गणमान्यों की रही मौजूदगी
बैठक में अध्यक्ष नोतराम निंबोरिया अध्यापक, एडवोकेट प्राणसुख सैनी, महावीर प्रसाद चर्खिया, भूपसिंह ठेकेदार, सुरेश चंद रेवाड़िया, किशनलाल योगी, हरकेश हवलदार, खुशीराम, शिवरतन हवलदार सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य, पदाधिकारी एवं भक्तजन मौजूद रहे। सभी ने अपने-अपने सुझाव रखकर मेले को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
नीमराना के आस्था केंद्र: बाबा गरीब नाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास
बैठक के दौरान मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भी चर्चा हुई। श्री 1008 बाबा गरीब नाथ महाराज का प्राचीन मंदिर कस्बे की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इतिहास के अनुसार मंदिर की स्थापना राजा जनक सिंह के समय चैत्र सुदी पंचमी, संवत 1938 में हुई थी। बाद में श्री श्री 1008 श्री रघुनाथ जी महाराज ने अपनी जन्मभूमि नीमराना में चैत्र सुदी पंचमी, संवत 2030 को विधिवत मूर्ति स्थापना करवाई।

पूजा परंपरा से समाज सेवा तक का सफर
सर्वप्रथम मंदिर में सुगन्नाथ जी एवं सूरदास जी द्वारा नियमित पूजा-अर्चना की जाती रही। उनके ब्रह्मलीन होने के पश्चात श्री 108 महंत इकसार नाथ जी महाराज ने पूजा-पाठ का दायित्व संभाला, जो आज तक निरंतर जारी है। उनके कार्यकाल में मंदिर परिसर में सत्संग हेतु बरामदा, भक्तजनों के ठहरने के लिए कमरों का निर्माण, मुख्य बरामदा तथा चार द्वारी का निर्माण करवाया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान
बाबा ने मंदिर के साथ-साथ शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। उनके मार्गदर्शन में अलवर में महिला छात्रावास, नीमकाथाना में बाबा भीमराव अंबेडकर छात्रावास की रसोई, बहरोड़ में बाबा गरीब नाथ छात्रावास में कमरे का निर्माण तथा नीमराना में बाबू जगजीवन राम छात्रावास में कमरे का निर्माण करवाया गया। महंत इकसार नाथ जी महाराज का कहना है कि वर्तमान समय में सभी को शिक्षा की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।
मेला कमेटी ने सभी भक्तजनों से 10 मई को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मेले को सफल बनाने की अपील की है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।