नीमराना (रमेशचंद), 29 मार्च। समरस साहित्य संस्थान अलवर द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की प्रथम कवि-गोष्ठी सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अलवर के कवियों ने विभिन्न रस-रंग की कविताओं से उपस्थित श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर दिया। कवि गोष्ठी के आरंभ में मंचस्थ अतिथियों, उपस्थित कवियों व गणमान्य जनों ने सरस्वती प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा सीमा कालरा ने सरस्वती वंदना से कवि-गोष्ठी का सरस शुभारंभ किया।

समरस साहित्य संस्थान की वर्ष 2026 में आयोजित प्रथम कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं गीतकार प्रवेंद्र पंडित जी ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत प्रधानाचार्य श्री सुगन चंद उपस्थित रहे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बाबा गरीबनाथ छात्रावास के कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार उपस्थित रहे। कवि गोष्ठी में पूजा झिरिवाल जी ने मार्मिक कविता का चित्रण किया जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कवियत्री रूपेंद्र मेहलान ने चलो भारत की ओर गीत में भारत के यथार्थ को चित्रित किया जिस पर श्रोताओं ने जमकर तालियाँ बजाई।

कवि गोष्ठी में सीमा कालरा, हरिसिंह मीरवाल जे डी राणा, डॉ विपुल कुमार भवालिया, धर्मेंद्र शर्मा, सुशांत, महेश वेदामृत, राजाराम जी और सुगन चंद ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कवि गोष्ठी में श्रीमती रूपेंद्र मेहलान जी को श्रेष्ठ रचना के लिए स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। समरस साहित्य संस्थान की ओर से बाबा गरीबनाथ छात्रावास में आयोजित कवि गोष्ठी में कौशल, मोहन लाल जी, सपना, सुनील बायला, जितेन्द्र पोपली आदि अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कवि-गोष्ठी का संचालन सुनीता शर्मा ने किया तथा सभी आगंतुकों का धन्यवाद एवं आभार समरस साहित्य संस्थान के जिलाध्यक्ष जे डी राणा ने किया।