नीमराना (रमेशचंद), 24 मार्च। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना में गुरुवार दोपहर उद्योगपतियों के साथ आयोजित महत्वपूर्ण बैठक के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे नीमराना मॉडल ऑफ मैन्युफैक्चरिंग का अध्ययन करने यहां आए हैं।

उन्होंने कहा कि नीमराना मॉडल राजस्थान की एक बेहद सफल और उदाहरणीय औद्योगिक कहानी है, जिसे राज्य सरकार अब और आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि उद्योग और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) की सक्रिय भागीदारी से नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र में नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि इस क्षेत्र में जापानी निवेश बड़े स्तर पर है और कई जापानी कंपनियां यहां सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जापानी निवेशकों का राजस्थान पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री के जापान दौरे के दौरान समझौतों को अब धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। बैठक में उन्होंने सकारात्मक बताते हुए कहा कि इसमें 15 सूत्रीय एक्शन एंडेड प्रस्तुत किया गया, जिस पर आगे विस्तृत विचार किया जाएगा। विकसित राजस्थान 2047 के रोडमैप में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के माध्यम से नीमराना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत-जापान औद्योगिक लैंडमार्क इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में उभर रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से संवाद के दौरान कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उद्योगों के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिसमें पानी, बिजली, सड़क और रेल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे बहरोड़, नीमराना और कोटपूतली क्षेत्र को आने वाले समय में बड़ा लाभ मिलेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि नीमराना का विकास मॉडल पूरे देश के लिए एक आदर्श बनकर उभरा है और सरकार की मंशा है कि यहां अपनाए गए सफल औद्योगिक और आधारभूत ढांचे के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाए, ताकि देशभर में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

नीमराना पहुंचने पर जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा मुख्य सचिव का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य सचिव ने नीमराना थाने का निरीक्षण कर लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान एडीएम ओपी सहारण, एसडीएम महेंद्र यादव, बहरोड़ एसडीएम रामकिशोर मीणा, नीमराना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची, तहसीलदार विक्रम सिंह, नीमराना इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष केजी कौशिक, नीमराना डाइकिन कंपनी के डिप्टी डीएम सिकीदा सान, फैक्ट्री मैनेजर रंजीत सिंह, सीनियर मैनेजर दीपक कुमार, एक्जीक्यूटिव पूनम, वरिष्ठ प्रबंधक गौरव शर्मा, विकास कुमावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि राजस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।