नागौर: सरकारी स्कूल के दो छात्रों ने सैनिक एकेडमी की प्रवेश परीक्षा में मारी बाजी
नागौर, [दिनांक]: नागौर जिले के गोगानाडा स्थित सींवरों की ढाणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के दो छात्रों ने सैनिक एकेडमी की एप्टीट्यूड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त किया है। पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ और कंचन कंवर नामक इन छात्रों ने निजी स्कूलों के छात्रों को पछाड़ते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
विद्यालय में केवल दो कमरों में कक्षाएं संचालित होती हैं, जहां शिक्षक श्रवण कुमार पहली से तीसरी कक्षा तक के छात्रों को और प्रधानाध्यापिका अर्चना चौहान चौथी और पांचवीं कक्षा के छात्रों को पढ़ाती हैं। बावजूद इसके, स्कूल में शिक्षा का स्तर किसी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल से कम नहीं है।
सीकर और झुंझुनूं में आयोजित सैनिक एकेडमी की प्रवेश परीक्षाओं में कक्षा 8 तक के लगभग 500 छात्रों ने भाग लिया था। इन परीक्षाओं में पुष्पेंद्र और कंचन ने ओएमआर शीट पर सटीक उत्तर देकर अपनी जगह सुनिश्चित की। परीक्षा में गणित, हिंदी, सामान्य ज्ञान और बौद्धिक दक्षता जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे।
प्रधानाध्यापिका अर्चना चौहान ने बताया कि दोनों छात्रों ने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने तीन महीने तक कड़ी मेहनत की, स्कूल में गणित और अंग्रेजी की कक्षाओं के अलावा घर पर भी संबंधित वीडियो देखे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सफलता मिली। अब ये बच्चे कम खर्च पर डिफेंस कोचिंग में पढ़ सकेंगे।
पुष्पेंद्र के पिता गिरधारी सिंह एक किसान हैं, और उनकी माता मंजू कंवर एक गृहिणी हैं। पुष्पेंद्र के ताऊ आशु सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं, और पुष्पेंद्र खुद भी सेना में शामिल होने का इच्छुक है। दूसरी छात्रा, कंचन कंवर के पिता लादू सिंह खेती करते हैं, और उनकी माता भंवरी कंवर गृहिणी हैं।
प्रधानाध्यापिका अर्चना चौहान, जो ऑल इंडिया रेडियो में अनाउंसर भी हैं, 23 वर्षों से बच्चों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हुई हैं। उन्होंने अब तक 150 से अधिक महिलाओं को पेपरमेशी, साबुन बनाना, सिलाई, स्वेटर बुनना, इको ब्रिक्स बनाना और गोबर खाद के उत्पाद बनाना सिखाया है। उन्होंने बताया कि वे बच्चों को उनके जन्मदिन पर पौधे उपहार स्वरूप देती हैं, जिससे वे प्रकृति से जुड़ सकें।
